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समग्र विकास का लक्ष्य: सड़के और आम जन-जीवन

उत्तर प्रदेश के समग्र विकास में सबसे बड़ी बाधा सड़कें और यातायात के साधन की अनुपलब्धता है जिसके कारण आम जन-जीवन अस्त–व्यस्त रहता है, क्योंकि हर जगह उबड़-खाबड़ व बदहाल सड़कें, जगह-जगह पर अतिक्रमण, पार्किंग की व्यवस्था न होना के कारण बेतरतीब खड़े वाहन आदि प्रमुख हैं। सड़कें देश के सम्पूर्ण विकास में एक अहम् भूमिका अदा करती और समाज के आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती हैं। प्राचीन काल में जब से मानवीय सभ्यता का उदय हुआ तब से लेकर आज तक सड़के समाज के विकास में सहायक सिद्ध हुई है। उस समय सड़कें प्राय: कच्ची होती थी, जिन पर बरसात के दिनों में आवागमन संभव नहीं हो पाता था. उदाहरण के रूप में हड़प्पा और सिंधु घाटी सभ्यता के प्राचीन नगरों से सड़कों के निर्माण का पता चलता है । प्राचीन भारत में अनेक राजाओं के शासन काल में नगरों को जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण किया जाता रहा । पुरातात्विक खुदाई से भी प्राचीन भारत में सड़कों के बारे में विस्तृत जानकारी मिलती हैं। ऐसे ही मध्य भारत में भी शेर शाह सूरी ने ग्रांड ट्रंक रोड का निर्माण 1540-45 ई. में करवाया था ताकि कई शहरों के बीच वस्तुओं का आवागमन लोगों तक आसानी से पहुँच सके, जीवन स्तर में सुधार हो सके और व्यापार को ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित किया जा सके । कृषि, व्यापार, उद्योग या सामाजिक अन्तःक्रियाएँ, सड़कें सभी के लिए विकास का मार्ग प्रशस्त करती हैं। इसी जरूरत पर जोर देते हुए भाजपा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की सरकार अपने प्रथम दिन से ही प्रदेश की सडकों के निर्माण एवं चौडीकरण, नए फ्लाईओवर का निर्माण और नदियों-नालों एवं तालाबों पर पुलों का निर्माण, इन सभी मुददों को बहुत ही गंभीरता से लिया गया है ।

उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग सभी जिलों को प्रदेश की राजधानी से सीधे जोड़ने के लिए सड़कों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में लगा हुआ है । इसलिए केशव प्रसाद जी के नेतृत्व में विभाग सभी सड़कों को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर प्रदेश राज्य में सड़कों के रखरखाव, मरम्मत, नवनिर्माण, चौड़ीकरण, नेशनल हाईवे की मरम्मत तथा रख-रखाव, बडी नदियों पर सेतुओं का निर्माण, सरकारी भवनों का निर्माण और उनकी मरम्मत आदि का महत्वपूर्ण कार्य ही विभाग की प्राथमिकता है। केशव प्रसाद जी के 19 मार्च 2017 को विभाग संभालने के वक्त सड़क एवं परिवहन क्षेत्र में बड़ी चुनौतियां थीं। इनमें निवेश बहुत कम था, भ्रष्टाचार का बोलबाला था और सड़कों के निर्माण की रफ्तार बहुत ही सुस्त थी । परन्तु अब प्रदेश में सड़कों की स्थिति में सुधार हुआ है और सभी गांवों व शहरों को मुख्य सड़कों के नेटवर्क से जोड़ने के लिए ग्यारह महीने की सरकार ने जो कदम उठाये हैं, उसके परिणाम सामने आने लगे हैं।

राज्य सरकार ने पिछले एक साल में प्रदेश के अन्दर लगभग 1,07,000 कि0मी0 गडढायुक्त् सड़कों में से लगभग 85,138 कि0मी0 सड़कों को गड़ढामुक्त किया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा 110 परियोजनाओं के अन्तर्गत लगभग 37000 कि0मी0 नवीन सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। जिसमें एक 53 कि0मी0 लम्बी सड़क प्रमुख है, जिसको जिला गोण्डा में दर्जीकुआं-मनकापुर-बभनान मार्ग के बीच निर्मित किया गया है। वर्तमान में कुल 86 बड़े सेतुओं का निर्माण कार्य प्रगति में है। वर्तमान में कुल 41 रेल उपरिगामी सेतुओं का निर्माण कार्य प्रगति में है। जिनमें जनवरी माह तक 09 रेल सेतुओं को निर्माण पूर्ण कर लिया गया है. प्रदेश में कुल 316 तहसील मुख्यालयों  में से 48 को दो वर्ष में दो-लेन मार्ग से जोड़ा जाना कार्य प्रस्तावित है। साथ ही साथ कुल 817 ब्लाक मुख्यालयों में से 134 को दो वर्ष में दो-लेन मार्ग से जोड़ा के लिए कार्य प्रस्तावित हो चूका है।

उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने के लिए केशव जी ने पांच नई पहलों की शुरुआत की है। जिसमें प्रथम पी.डब्लु.डी. की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ‘थर्ड पार्टी सुरक्षा ऑडिट’ की शुरुआत की। जिसमें लोक निर्माण विभाग 5 किमी और उससे अधिक लंबाई की सड़कों का निरीक्षण-कार्य प्रदेश में स्थित राजकीय तकनिकी संस्थानों, एन.आई.टी. एवं आई.आई.टी. से कराएगी। इस पहल से नई सड़कों की गुणवत्ता में सुधार होगा और सड़क निर्माण कार्यों में पारदर्शिता भी आयेगी। द्वितीय, माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ0प्र0 की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडियट की परीक्षाओं में टॉप करने वाले मेधावियों के गांवों को पक्की सड़क से जोड़ने हेतु नवनिर्माण/मरम्मत के लिए योजना लायी गयी है, जिसके हेतु रू0 748 लाख धनराशि स्वीकृत की है। इस योजना से मेधावी छात्रों को भविष्य में और अधिक योग्यता बढ़ाने हेतु प्रोत्साहन मिलेगा।

इसके अतिरिक्त कार्यो के आनलाइन अनुरक्षण, आवंटन, पेमेन्ट एवं बजट के मैनेजमेंट एवं अनुश्रवण हेतु उच्च स्तरीय पोर्टल विकसित किया जा रहा है। जो शीघ्र ही लांच किया जायेगा।वर्तमान मेंनए मार्गों का निर्माणनवीनतम तकनीक के द्वारा कराया जा रहा है।यातायात सुरक्षा की दृष्टि से समस्त मार्गों पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर उन्हे एक से दो वर्ष के अन्दर ब्लैक स्पॉट मुक्त किये जाने का कार्य प्रारम्भ किया गया है। यहाँ तक की आम जनता की सुविधा के लिए लोक निर्माण विभाग के द्वारा एक टोल-फ्री हेल्पलाइन की भी शुरुआत किया  है। इस प्रकार केशव जी के कुशल नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग ने नये मार्गों के निर्माण कार्यो पर मरम्मत से अधिक खर्च कर रही है और जो गुणवत्ता की उच्चता को दर्शाता है।

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